Tuesday, 7 March 2017
हैंडबैग हेयरस्टाइल कभी देखा है आपने
21:46
हैंडबैग हेयरस्टाइल कभी देखा है आपने
नई दिल्लीः अपना हैंडबैग लीजिए, उसे खाली कीजिए और उसके चेन वाले हिस्से से उसे सिर पर पहन लीजिए. ये सब पढ़कर आप भी चौंक गए ना. लेकिन हाल ही में एक फैशन शो में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला.
एक मॉडल ने लेडीज पर्स को सिर पर हैट की तरह पहन रखा था. पेरिस फैशन शो में मॉडल्स ने अलग-अलग रंग के हैंडबैग पहनकर रैंप पर वॉक किया. ये तो रैंप वॉक था लेकिन डिजाइनर्स इस बात को लेकर श्योर नहीं है कि ये हैंडबैग रीयल वर्ल्ड में कितना पसंद किया जाएगा.
डिजाइनर्स का मानना है कि हैंडबैग पहनकर चलने से ये फैशन ट्रेंड तो बन ही जाएगा साथ ही ये लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित भी करेगा. इससे आप चेहरे के दाग भी छिपा पाएंगे और बालों को डस्ट से भी बचा पाएंगे.
ये आसन करेंगे तो बाल हमेशा रहेंगे हेल्दी
21:46
ये आसन करेंगे तो बाल हमेशा रहेंगे हेल्दी
नई दिल्लीः हर कोई चाहता है कि उसके बाल लंबे हो, हेल्दी हो, खूबसूरत हो और उम्र से पहले सफेद ना हो. यदि आप भी ऐसा ही चाहते हैं तो आपको करना होगा नियमित योगाभ्यास. योग की क्रियाएं ना सिर्फ बालों को स्वस्थ रखती हैं बल्कि हमारे तन-मन को भी स्वस्थ रखती हैं. तो चलिए जानते हैं आज आचार्य प्रतिष्ठा योग की कौन-कौन सी क्रियाओं के बारे में बताने जा रही हैं.
- हेल्दी बालों के लिए जरूरी है कि योग कि वे क्रियाएं करना जो ब्लड फ्लो को स्कॉल्प तक लेकर जाती हैं. इसके लिए मत्स्य आसन सबसे अच्छा है.
- इस आसन को करने के लिए सबसे पहले पद्मासन में बैठ जाएं.
- इसके बाद कोहनियों का सहारा लेते हुए पीछे की ओर लेट जाएं.
- हाथों का सहारा लेते हुए सिर को जमीन पर टिका दें.
- इसके बाद हाथों से पैर के पंजों को पकड़ लें.
- कमर एक आर्क शेप ले लेगी. इसके बाद महसूस करें कि ब्लड फ्लो सिर की ओर बढ़ रहा है.
- इसके बाद हाथों का सहारा लेकर वापिस गर्दन जमीन पर टिका दें.
- फिर धीरे-धीरे कोहनियों का सहारा लेते हुए अपने आसन में वापिस बैठ जाएं.
- इस स्थिति में आकर पैरों को आगे फैलाएं और गर्दन को पीछे की ओर ढीला छोड़ दें. इससे बॉडी को पूरा आराम मिलेगा.
रोजाना इस आसन को करने से आपके बाल सुंदर और स्वस्थ हो जाएंगे. - ध्यान रहें, स्पॉन्डिलाइटिस के मरीज इस आसन को ना करें.
अन्य टिप्स- दही लीजिए इसमें थोड़ा सा वेनेगर सिरका मिला लीजिए. इस लेप को आधे घंटे तक सिर पर लगाइए और फिर धो लीजिए. इससे बाल शाइनी और ब्यूटीफूल भी होंगे.
गर्मियों में स्किन को यूं रखें तरोताजा
21:45
गर्मियों में स्किन को यूं रखें तरोताजा
नई दिल्ली: गर्मियां दस्तक दे चुकी हैं. गर्मियां आते ही स्किन की देखभाल करना और भी जरूरी हो जाता है. आज हम आपको बताएंगे कैसे गर्मियों में अपनी स्किन को ग्लोइंग और फ्रेश बनाएं.
चेहरा धोते रहें- स्किन को ग्लोइंग बनाने के लिए आपको टाइम टू टाइम पानी से अपने फेस को धोना चाहिए. इससे फेस पर जमे हुए बैक्टीरिया साफ हो जाते हैं.
सही कॉस्मेटिक का चयन- गर्मी में ये जानना बहुत जरुरी है कि जो कॉस्मेटिक आप इस्तेमाल कर रहे है, क्या वो आपकी स्किन के लिए परफेक्ट है. सही कॉस्मेटिक को सलेक्ट करें क्योंकि ऐसा ना करने पर चेहरे पर पिंपल्स, एक्ने की समस्या हो सकती है.
टोनर का करें सही इस्तेमाल- गर्मियों में टोनर का इस्तेमाल आपकी स्किन से ऑयल को अलग करता है. टोनर का इस्तेमाल सुबह करें ताकि वो आपके पोर्स को साफ कर दे. इससे आपकी स्किन फ्रेश और क्लीन रहेगी. आप अपनी स्किन को साफ करने के लिए सैलिसिलिक एसिड टोनर का भी इस्तेमाल कर सकते है.
टी ट्री आयल का करें इस्तेमाल- अपने फेस को साफ करने के बाद आपको फेस को ऑब्जर्व करना चाहिए और अगर आपको ये लगता है कि पिम्पल्स आपके फेस पर आने वाले है तो कॉटन की बॉल में टी ट्री ऑयल लें और उसे पिम्पल्स पर लगाए. ये तरीका आपकी स्किन में होने वाले पिम्पल्स और बैक्टीरिया को साफ कर देता है.
घरेलू नुस्खें है बेस्ट उपाय- गर्मियों में अपनी स्किन को तैयार करने के लिए सबसे सही है आपके घर में ही पाए जाने वाले नुस्खें. एक आसान सा घरेलू नुस्खा है जिसमें आप हनी का फेशियल अपने फेस पर लगाएं जो आपकी स्किन को और भी ज्यादा कोमल और ग्लोइंग बना देता है. आप कूलिंग इंग्रेडिएंट्स का भी इस्तेमाल कर सकते है जैसे की खीरा, लेमन, पपाया, स्ट्रॉबेरी ये सब आपकी स्किन को बनाएंगे स्मूथ एंड रेडियंट.
तो इसे गर्मी हो जाइये तैयार अपनी स्किन को खूबसूरत और कोमल बनाने के लिए.
ऑफिस में यूं दिखें फैशनेबल
21:44
ऑफिस में यूं दिखें फैशनेबल
नई दिल्ली: कार्यस्थल पर एक जैसी पोशाक पहनते-पहनते बोर हो चुके हैं और इस एकरसता को तोड़ना चाहते हैं तो आधुनिक ड्रेस डिजाइनर्स आपके लिए काफी कुछ नया लाए हैं. ऑफिस में औरों से हटकर और एकरसता को खत्म करने के लिए आप परंपरा से हटकर डिजाइन किए गए, विशेष डिजाइन की आस्तीनों वाली, धारीदार और खाकी रंग के कपड़े पहन सकती हैं, इससे आप फैशनेबल और स्मार्ट दिखेंगी.
भारत की अग्रणी फैशन वेबसाइट रोपोसो की प्रमुख सिद्धिका गुप्ता ने कार्यस्थल पर फैशनेबल दिखने के संबंध में ये सुझाव दिए हैं :
– डिकंस्ट्रक्टेड ड्रेस दिखने में बेहद आकर्षक और खूबसूरत होते हैं. इस तरह की ड्रेस में झालर लगे होते हैं, आड़ी-तिरछी हेमलाइन होती है. इस ड्रेस की खासियत यह है कि एक ही परिधान में कई डिजाइनों का संयोजन होता है. ज्यादा झालर वाले ड्रेस पहनने पर आपको उलझन महसूस हो सकती हैं, इसलिए ऐसा ड्रेस खरीदें जो उचित रूप से झालरदार होने के साथ आपको पहनने में सहज भी लगें.
– धारीदार कपड़े हमेशा फैशन में बने रहते हैं, यह आपको बोल्ड और आकर्षक लुक देते हैं. खड़ी लाइनों वाले धारीदार कपड़े पहनें, इसमें आप सबसे अलग नजर आएंगी.
– ऑफ शोल्डर कपड़े अब ज्यादा प्रचलन में नहीं हैं. खुद को बोल्ड लुक देने के लिए आप स्लीट स्लीव यानी बीच से खुली लंबी आस्तीन वाली ड्रेस पहनें, यह आजकल फैशन में हैं. आप वन शोल्डर और पफ शोल्डर टॉप भी पहन सकती हैं.
– स्पोर्टी लुक के लिए कढ़ाई वाले ट्रैक सूट, वेलवेट टिरैक पैंट्स, संदेश लिखे टॉप पहन सकती हैं.
– खाकी शर्ट, स्कर्ट, जेगिंग्स कार्यस्थल पर पहन सकती है, इससे आपको प्रोफेशनल लुक भी मिलेगा.
– रंगीन फुटवेयर भी आपके व्यक्तित्व को अलग लुक देंगे. 1970 के दशक से प्रेरित रंगीन और प्रिंटेड जूते, फुटवेयर पहनने पर बरबस ही सबकी निगाहें आपके कदमों पर पड़ जाएंगी. मोजे के साथ ऊंची हील की जूतियां और फ्लैट फुटवेयर भी आप पहन सकती हैं.
70 की उम्र में 17 के जज्बे वाली मार्शल आर्ट गुरु
21:43
70 की उम्र में 17 के जज्बे वाली मार्शल आर्ट गुरु
नई दिल्ली: आमतौर पर जिस उम्र को महिलाएं अपनी जिंदगी की सांझ मानकर हताश होकर बैठ जाती हैं, केरल की करीब 75 वर्षीय दिलेर और जुझारू मीनाक्षी अम्मा आज भी मार्शल आर्ट कलारीपयट्ट का निरंतर अभ्यास करती हैं और इसमें इतने पारंगत हैं कि अपने से आधी उम्र के मार्शल आर्ट योद्धाओं के छक्के छुड़ाने का दम रखती हैं.
कलारीपयट्ट की प्रशिक्षक होने के नाते मीनाक्षी अम्मा मीनाक्षी गुरुक्कल (गुरु) के नाम से भी पहचानी जाती हैं.
मीनाक्षी गुरुक्कल और उनके खास हुनर को सबसे पहले पहचान उस समय मिली, जब कलारीपयट्ट के खेल में अपने से करीब आधी उम्र के एक पुरुष के साथ लोहा लेते और उस पर भारी पड़ते उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. उनके इस वीडियो ने कई लोगों को दांतों तले उंगली दबाने को मजबूर कर दिया और इस वीडियो को ढेरों लाइक्स और कमेंट्स मिले थे.
कलारीपयट्ट तलवारबाजी और लाठियों से खेला जाने वाला केरल का एक प्राचीन मार्शल आर्ट है.
मीनाक्षी अम्मा कहती हैं कि कलारीपयट्ट ने उनकी जिंदगी को हर प्रकार से प्रभावित किया है और अब जब वह करीब 75 साल की होने जा रही हैं, इस उम्र में भी वह इसका निरंतर अभ्यास करती हैं.
गुरुक्कल मीनाक्षी अम्मा कहती हैं, “आज जब लड़कियों के देर रात घर से बाहर निकलने को सुरक्षित नहीं समझा जाता और इस पर सौ सवाल खड़े किए जाते हैं, कलारीपयट्ट ने उनमें इतना आत्मविश्वास पैदा कर दिया है कि उन्हें देर रात भी घर से बाहर निकलने में किसी प्रकार की झिझक या डर महसूस नहीं होता.”
मीनाक्षी अम्मा मानती हैं कि आज के दौर में लड़कियों के लिए मार्शल आर्ट और भी ज्यादा जरूरी हो गया है. वह कहती हैं, “मार्शल आर्ट से लड़कियों में आत्मविश्वास पैदा होता है. हर सुबह इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने से केवल आत्मविश्वास और शारीरिक मजबूती ही नहीं, बल्कि रोजमर्रा की मुश्किलों से लड़ने के लिए मानसिक बल भी मिलता है.”
गुरुक्कल यानी गुरु के नाम से मशहूर मीनाक्षी अम्मा को इस साल प्रतिष्ठित नागरिक पुरस्कार पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया.
पद्मश्री जीतने पर कैसा महसूस हो रहा है, इस सवाल पर दिग्गज मार्शल आर्ट गुरु मीनाक्षी अम्मा कहती हैं, “मैं यह नहीं कह सकती कि पद्म पुरस्कार जीतना मेरा सपना पूरे होने जैसा है, क्योंकि कभी भी मेरे दिल या दिमाग में ऐसा कोई पुरस्कार जीतने का कोई ख्याल नहीं आया. वह इसका श्रेय अपने दिवंगत पति राघवन गुरुक्कल को देती हैं, जो उन्हें कलारीपयट्ट सिखाने वाले उनके गुरु भी थे.”
मीनाक्षी अम्मा ने एक ऐसी कला से अपनी पहचान बनाई है, जो अधिक लोकप्रिय नहीं है. सात साल की उम्र से इस कला का प्रशिक्षण हासिल करने वाली मीनाक्षी अम्मा बताती हैं कि आमतौर पर लड़कियां किशोरवय उम्र में प्रवेश करते ही इस मार्शल आर्ट का अभ्यास छोड़ देती हैं, लेकिन अपने पिता की प्रेरणा से उन्होंने इस विधा का अभ्यास जारी रखा और वह इससे ताउम्र जुड़ी रहना चाहती हैं.
आज उन्हें ‘उन्नीयार्चा’ (उत्तरी मालाबार के प्राचीन गाथागीत ‘वड़क्कन पट्टकल’ में उल्लिखित प्रसिद्ध पौराणिक योद्धा और नायिका), ‘पद्मश्री मीनाक्षी’ और ‘ग्रैनी विद ए स्वॉर्ड’ जैसे कई नामों से बुलाया जाता है, लेकिन वह खुद किस नाम से पहचानी जाना चाहती हैं, इस सवाल पर वह कहती हैं, “मेरा वजूद आज भी वही है और मुझे आज भी खुद को मीनाक्षी अम्मा या अम्मा मां कहलाना ही ज्यादा पसंद है.”
आज जब किसी भी कला को सिखाने के लिए मोटी फीस वसूलना आम हो गया है, कलारी संगम में कलारीपयट्ट सिखाने के लिए कोई फीस नहीं ली जाती और छात्र गुरुदक्षिणा के रूप में अपनी क्षमता और इच्छानुसार कुछ भी दे सकते हैं. मीनाक्षी अम्मा बताती हैं कि 1949 में शरू हुई यह परंपरा आज भी जारी है.
कलारीपयट्ट ताइची और कुंगफू जैसे अन्य मार्शल आर्ट्स से कैसे अलग हैं, इस बारे में मीनाक्षी अम्मा कहती हैं, “एक किंवदंती के अनुसार कुंगफू और अन्य मार्शल आर्ट्स की उत्पत्ति कलारीपयट्ट से हुई है. यह भले ही मात्र एक किंवदंती हो, लेकिन मेरी नजर में यह विधा केवल वार करने की ही कला नहीं है, बल्कि इसमें आप लड़ने के साथ ही खुद को बचाने और इसमें चोटिल होने पर अपना इलाज करना भी सीखते हैं.”
वह कहती हैं, “कलारीपयट्ट की एक शिष्या और फिर एक प्रशिक्षक की भूमिका से लेकर इस मार्शल आर्ट विधा के लिए पद्मश्री हासिल करने तक की उनकी यह यात्रा आसान नहीं रही, लेकिन परिवार के साथ और मेरे छात्रों ने मेरी इस यात्रा को यादगार बना दिया है.”
इस कला के लिए पहचान मिलने और पद्मश्री के रूप में सम्मान मिलने पर मीनाक्षी अम्मा कहती हैं, “मैं खुद को धन्य समझती हूं और यह पुरस्कार हर लड़की और हर महिला को समर्पित करती हूं, उन्हें यह बताने के लिए कि वे जिंदगी में जो चाहे हासिल कर सकती हैं. साथ ही मैं इसे सभी कलारीपयट्ट गुरुक्कलों को भी समर्पित करना चाहती हूं, जिन्होंने बिना रुके और बिना थके मार्शल आर्ट की इस विधा को जीवित रखा है.
ये है इंडिया का सबसे हाईटेक और पॉड होटल की शुरुआत
21:42
ये है इंडिया का सबसे हाईटेक और पॉड होटल की शुरुआत
मुंबईः देश में नए जमाने के यात्रियों को ध्यान में रखकर एक बिल्कुल नए किस्म के होटल की शुरुआत हुई है, जिसे पॉड होटल कहा जाता है. यह एक ‘स्मार्ट होटल’ है, जो बिल्कुल नई पीढ़ी के यात्रियों लिए बनाया गया है. अर्बनपॉड के नाम से शुरू किया गया यह होटल आधुनिक, स्टाइलिश और किफायती है, यह सुख-सुविधाओं, गुणवत्ता और रहने के बेहतर अहसास से समझौता किए बिना बेहतरीन सेवा और अद्वितीय अनुभव प्रदान करता है. इस होटल की शुरुआत मुंबई के अंधेरी के एसईईपीजेड (सीप्ज) में की गई है. कंपनी का कहना है कि यह देश में अपनी तरह का पहला होटल है, जो नए जमाने के यात्रियों, व्यापारियों और अवकाश के लिए आने वाले यात्रियों को सेवा प्रदान करता है.
वास्तु डिजाइन-
अर्बनपॉड होटल का वास्तु डिजाइन और आंतरिक साज-सज्जा सिंगापुर के मशहूर आर्किटेक्ट फर्म, फ्रॉमवेर्क द्वारा किया गया है. कम कीमत पर बेहद शानदार तरीके से रहने के इच्छुक लोगों के लिए अर्बनपॉड बिल्कुल सही है, जो मुंबई के व्यापारिक हब के बीचों-बीच स्थित है और घरेलू एवं अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डों के बेहद करीब है. यहां अलग-अलग सुविधाओं के साथ 140 पॉड उपलब्ध हैं – सुईट पॉड, प्राइवेट पॉड, पुरुषों के लिए क्लासिकल पॉड, और केवल महिलाओं के लिए विशेष रुप से निर्मित पॉड.
अर्बनपॉड होटल का वास्तु डिजाइन और आंतरिक साज-सज्जा सिंगापुर के मशहूर आर्किटेक्ट फर्म, फ्रॉमवेर्क द्वारा किया गया है. कम कीमत पर बेहद शानदार तरीके से रहने के इच्छुक लोगों के लिए अर्बनपॉड बिल्कुल सही है, जो मुंबई के व्यापारिक हब के बीचों-बीच स्थित है और घरेलू एवं अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डों के बेहद करीब है. यहां अलग-अलग सुविधाओं के साथ 140 पॉड उपलब्ध हैं – सुईट पॉड, प्राइवेट पॉड, पुरुषों के लिए क्लासिकल पॉड, और केवल महिलाओं के लिए विशेष रुप से निर्मित पॉड.
पॉड की सजावट-
हरेक पॉड की आंतरिक सजावट बेहतरीन है, साथ ही ऊपर की संरचना भी बेहद सुरुचिपूर्ण है. विभिन्न श्रेणियों के सुईट पॉड दंपतियों के लिए उपयुक्त हैं, जबकि प्राइवेट पॉड में अधिक स्थान उपलब्ध है और महिलाओं के लिए विशिष्ट पॉड में – महिलाओं की सुरक्षा और गोपनीयता का खास ध्यान रखा गया है.
हरेक पॉड की आंतरिक सजावट बेहतरीन है, साथ ही ऊपर की संरचना भी बेहद सुरुचिपूर्ण है. विभिन्न श्रेणियों के सुईट पॉड दंपतियों के लिए उपयुक्त हैं, जबकि प्राइवेट पॉड में अधिक स्थान उपलब्ध है और महिलाओं के लिए विशिष्ट पॉड में – महिलाओं की सुरक्षा और गोपनीयता का खास ध्यान रखा गया है.
अर्बनपॉड के सह-संस्थापक और निदेशक हिरेन गांधी ने कहा, “भारत के सेवा क्षेत्र में पर्यटन एवं आतिथ्य उद्योग, विकास को आगे ले जाने वाले प्रमुख क्षेत्र के तौर पर उभरा है. व्यापार के लिए आने वाले यात्रियों के अलावा अवकाश के लिए आने वाले यात्रियों, अर्थात अकेले आने वाले यात्रियों, ट्रांजिट करने वाले यात्रियों, बैकपेपर और हर तरह के समूह में यात्रा करने वाले लोगों की संख्या बढ़ी है, जो समझदारी से खर्च करते हुए रहने के लिए बेहद व्यवहारिक और स्टे स्मार्ट विकल्प की तलाश करते हैं.”
उन्होंने कहा, “नए जमाने के यात्री ऐसे स्थान की तलाश करते हैं, जो किफायती, स्वच्छ और सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराने के साथ-साथ शहर के केंद्र में स्थित हो, और वहां का वातावरण बेहतर हो. ऐसे में बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी के साथ अर्बनपॉड इन चीजों का सही मिश्रण उपलब्ध कराता है.”
स्मार्ट होटल-
अर्बनपॉड को ‘स्मार्ट होटल’ की श्रेणी में अग्रणी होने का गौरव प्राप्त है, जो पॉड होटल के रूप में नए जमाने के यात्रियों को सुख-सुविधाओं, गुणवत्ता और सुरक्षा से समझौता किए बिना किफायती दरों पर अत्याधुनिक, भविष्य आधारित और रहने के लिए शानदार स्थान उपलब्ध कराता है, साथ ही नए जमाने के यात्रियों के लिए शेयर्ड-लिविंग भी उपलब्ध है. अर्बनपॉड नए जमाने के यात्रियों के लिए उपयुक्त है, जो बेहद उत्साहित और निर्भीक होते हैं तथा नई चीजों का पता लगाने से हिचकते नहीं हैं.
अर्बनपॉड को ‘स्मार्ट होटल’ की श्रेणी में अग्रणी होने का गौरव प्राप्त है, जो पॉड होटल के रूप में नए जमाने के यात्रियों को सुख-सुविधाओं, गुणवत्ता और सुरक्षा से समझौता किए बिना किफायती दरों पर अत्याधुनिक, भविष्य आधारित और रहने के लिए शानदार स्थान उपलब्ध कराता है, साथ ही नए जमाने के यात्रियों के लिए शेयर्ड-लिविंग भी उपलब्ध है. अर्बनपॉड नए जमाने के यात्रियों के लिए उपयुक्त है, जो बेहद उत्साहित और निर्भीक होते हैं तथा नई चीजों का पता लगाने से हिचकते नहीं हैं.
ये सुविधाएं हैं होटल में-
बेहद आकर्षक व्यक्तिगत पॉड में आधुनिक सुविधाएं और तकनीक मौजूद है तथा यहां की आंतरिक सजावट बेहतरीन है. हरेक पॉड में आरामदायक बिस्तर / बेड कवर, बेहद सुरक्षित की कार्ड के साथ व्यक्तिगत लॉकर, प्लाज्मा टीवी (हेडफोन की सुविधा के साथ), पढ़ने के लिए व्यक्तिगत रोशनी, बिजली के सॉकेट, हैंगर, ड्रेसर (आईने के साथ), मुफ्त वाई-फाई, एडजस्ट करने योग्य एयर कंडीशनिंग की सुविधा, एअर प्यूरीफायर (शुद्ध हवा उपलब्ध कराने के लिए), और स्लाइडिंग डोर (शटर) उपलब्ध है, जिसमें गोपनीयता के लिए लॉक करने की सुविधा उपलब्ध है. हरेक पॉड में सुरक्षा के लिए स्मोक डिटेक्टर और अग्निशामक भी मौजूद हैं.
बेहद आकर्षक व्यक्तिगत पॉड में आधुनिक सुविधाएं और तकनीक मौजूद है तथा यहां की आंतरिक सजावट बेहतरीन है. हरेक पॉड में आरामदायक बिस्तर / बेड कवर, बेहद सुरक्षित की कार्ड के साथ व्यक्तिगत लॉकर, प्लाज्मा टीवी (हेडफोन की सुविधा के साथ), पढ़ने के लिए व्यक्तिगत रोशनी, बिजली के सॉकेट, हैंगर, ड्रेसर (आईने के साथ), मुफ्त वाई-फाई, एडजस्ट करने योग्य एयर कंडीशनिंग की सुविधा, एअर प्यूरीफायर (शुद्ध हवा उपलब्ध कराने के लिए), और स्लाइडिंग डोर (शटर) उपलब्ध है, जिसमें गोपनीयता के लिए लॉक करने की सुविधा उपलब्ध है. हरेक पॉड में सुरक्षा के लिए स्मोक डिटेक्टर और अग्निशामक भी मौजूद हैं.
अर्बनपॉड में यात्रियों के सामानों को बिल्कुल अलग लॉकर में रखा जाता है, जिससे वे बिना किसी चिंता के रहने का आनंद ले सकते हैं. इसके नॉन अटैच बाथरूम सुइट में अलग-अलग सुविधाएं हैं, जो समकालीन होने के साथ-साथ गुणवत्ता के उच्चतम मानकों के अनुरूप हैं. बेहद आकर्षक कैफेटेरिया में आप कॉम्पलिमेंट्री ब्रेकफास्ट करने के साथ-साथ आराम कर सकते हैं, किताब पढ़ सकते हैं और नेटवर्क की मदद से दुनिया भर में नए दोस्त बना सकते हैं. अतिरिक्त सुविधाओं के तौर पर 24-घंटे पॉड सेवा, लॉन्ड्री और कार्यालय सेवाएं भी मुहैया कराई जा रही है
होली खेलने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
21:41
होली खेलने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
नई दिल्ली: रंगों और खुशियों के त्योहार होली के रंग में सराबोर होने के लिए घर से निकलने से पहले आपको त्वचा और बालों की सुरक्षा के संबंध में कुछ बातों का ख्याल जरूर रखना चाहिए, जिससे आपको किसी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़े. त्वचा विशेषज्ञ मेघना गुप्ता ने होली खेलने निकलने से पहले त्वचा की देखभाल के संबंध में ये सुझाव दिए हैं :
– कुछ लोग होली खेलने के पहले बाल यह सोचकर नहीं धुलते हैं कि रंग खेलने से बाल गंदे होने ही हैं, लेकिन पहले से गंदे बाल में रंग लगने से आपके बालों को और नुकसान पहुंच सकता है और बाल रुखे हो सकते हैं, इसलिए बाल धुलकर, सुखाने के बाद बालों में अच्छी तरह से तेल लगाकर ही होली खेलने निकलें.
– होली खेलने निकलने से पहले सनस्क्रीन क्रीम लगाना नहीं भूलें, क्योंकि तेज धूप में आपकी त्वचा झुलस सकती हैं और रंग काला पड़ सकता है.
– बाजार में उपलब्ध सिंथेटिक रंगों में हानिकारक केमिकल और सीसा भी हो सकते है, जिससे आपकी त्वचा और आंखों को नुकसान पहुंच सकता है. इसलिए त्वचा और बालों पर अच्छे से तेल लगाएं और हो सके तो प्राकृतिक रंगों या घर पर बने टेसू के फूल वाले रंग से होली खेलें. कानों के पीछे, उंगिलयों के बीच में भी तेल अच्छे से लगाएं और नाखूनों पर नेल पॉलिश लगाना नहीं भूलें. बालों में नारियल तेल डालकर अच्छे से मसाज करें, इससे आपके बाल रूखे भी नहीं होंगे.
– शरीर के अधिकांश हिस्सों को रंगों से बचाने के लिए पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें, सूती रंग के ही कपड़े पहनें, क्योंकि भीगने पर सिंथेटिक कपड़े शरीर से चिपक जाते हैं और आपको उलझन महसूस हो सकती है.
– फलों और सब्जियों के छिलकों को सुखाकर उसमें टेल्कम पाउडर और संतरे के सूखे छिलकों के पाउडर को मिलाकर होली खेलना एक अच्छा विकल्प है. इसमें हल्दी पाउडर, जिंजर रूट पाउडर व दालचीनी पाउडर भी मिलाए जा सकते हैं, जो आपकी त्वचा के लिए हानिकारक साबित नहीं होंगे, लेकिन इन पाउडर को जोर से त्वचा पर मले नहीं, क्योंकि इससे लालिमा, खरोंच या दानें पड़ सकते हैं और त्वचा में जलन हो सकती है.
– होली खेलने के बाद सौम्य फेसवॉश या साबुन का ही इस्तेमाल करें, क्योंकि हार्श साबुन से त्वचा रूखी हो सकती है, नहाने के बाद मॉइश्चराइजर और बॉडी लोशन जरूर लगाएं.
बालों को सौम्य हर्बल शैम्पू से अच्छी तरह से धुलें, ताकि अभ्रक युक्त और केमिकल वाले रंग बालों से अच्छी तरह से निकल जाएं, शैम्पू के बाद बालों का रूखापन दूर करने के लिए एक मग पानी में एक नींबू का रस मिलाकर धुलें या फिर बीयर से भी बाल धुला जा सकता है, इससे आपके बाल मुलायम रहेंगे
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